याद है तुम्हें अमराई मे बौर का आना
चटक फूलों का बगिया मे खिल जाना
हरी मखमली घास मे दूर तक घूमने जाना
कितनी बेफिक्री से सबसे संबंध निभाना
ये यूं ही नहीं हो जाता है कुछ पलों मे
सदियाँ लगती है रिश्तो का ताना बाना बुनने मे
और दिल से जुड़े रिश्तों मे कुछ एक को चुनने मे
सुजाता शुक्ला
चटक फूलों का बगिया मे खिल जाना
हरी मखमली घास मे दूर तक घूमने जाना
कितनी बेफिक्री से सबसे संबंध निभाना
ये यूं ही नहीं हो जाता है कुछ पलों मे
सदियाँ लगती है रिश्तो का ताना बाना बुनने मे
और दिल से जुड़े रिश्तों मे कुछ एक को चुनने मे
सुजाता शुक्ला
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